🛕 जानकी कुंड, चित्रकूट: चित्रकूट के चार धाम में शामिल पवित्र तीर्थ स्थल
परिचय: जानकी कुंड और चित्रकूट के चार धाम में इसकी महत्ता
भगवान श्री राम के वनवास काल की स्मृतियों से जुड़ी पावन नगरी चित्रकूट में कई दिव्य स्थान हैं, जिनमें 'जानकी कुंड' (Janaki Kund) का स्थान सर्वोच्च माना जाता है। धार्मिक परंपरा और मान्यताओं के अनुसार, यह स्थल चित्रकूट के चार प्रमुख धामों में शामिल है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह वही पवित्र स्थान है जहाँ माता सीता स्नान करती थीं और यहीं से मंदाकिनी नदी प्रवाहित होती है।
📍 भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक सौंदर्य
- दूरी: यह पवित्र स्थल प्रमोद वन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
- वन्य सौंदर्य: यहाँ मंदाकिनी नदी के दोनों किनारों पर सुंदर और घने वनों का प्राकट्य है, जो इस स्थान के प्राकृतिक सौंदर्य को अत्यधिक रमणीय बनाता है।
👣 माता सीता, भगवान राम और लक्ष्मण जी के अलौकिक चरण चिह्न
जानकी कुंड की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ की चट्टानों पर माता सीता, भगवान श्री राम और लक्ष्मण जी के पावन चरण चिह्न आज भी स्पष्ट रूप से देखने को मिलते हैं। ऐसी मान्यता है कि जब भगवान के कोमल चरण इन शिलाओं पर पड़े, तो वे पिघल गए, जिससे उनके ये अद्भुत चिह्न आज भी सुरक्षित हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (SEO FAQs)
Q1. क्या जानकी कुंड चित्रकूट के चार धाम में आता है?
उत्तर: हाँ, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जानकी कुंड की गिनती चित्रकूट के चार प्रमुख धामों में की जाती है।
Q2. जानकी कुंड कहाँ स्थित है?
उत्तर: यह चित्रकूट में प्रमोद वन से लगभग 2 किमी दूर मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित है।
Q3. यहाँ पत्थरों पर किसके चरण चिह्न अंकित हैं?
उत्तर: यहाँ माता सीता, भगवान श्री राम और लक्ष्मण जी के चरण चिह्न चट्टानों पर मौजूद हैं।
0 Comments