कामदगिरि सम तीर्थ नहिं, राम नाम सम मंत्र।
चित्रकूट सम धाम नहिं, जग में तंत्र न मंत्र॥


"संसार में कामदगिरि के समान कोई दूसरा पवित्र तीर्थ नहीं है और राम नाम के समान कोई दूसरा महामंत्र नहीं है। संपूर्ण जगत में चित्रकूट के समान कोई श्रेष्ठ धाम नहीं है और न ही इसके आगे कोई तंत्र या मंत्र टिकता है।"


कामदगिरि सम तीर्थ नहिं:


'कामदगिरि' का अर्थ है — मनोकामना पूर्ण करने वाला पर्वत। सनातन परंपरा में मान्यता है कि कामदगिरि पर्वत पर स्वयं भगवान श्री राम का वास है। इसलिए पूरे विश्व में कामदगिरि से बड़ा और फलदायी कोई तीर्थ नहीं माना गया है।

राम नाम सम मंत्र:
प्रभु श्री राम का नाम स्वयं में सबसे शक्तिशाली और कल्याणकारी महामंत्र है। इसके जप मात्र से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट, भय और पाप दूर हो जाते हैं।

चित्रकूट सम धाम नहिं:
चित्रकूट वह पावन भूमि है जहाँ भगवान श्री राम ने अपने वनवास का एक बड़ा समय माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ अत्यंत शांति और आनंद में बिताया था। इसीलिए इसे सभी धामों में अति श्रेष्ठ और अलौकिक माना गया है।
जग में तंत्र न मंत्र:

यदि व्यक्ति चित्रकूट धाम में आकर प्रभु राम के नाम का स्मरण करता है और कामदगिरि की परिक्रमा करता है, तो उसे किसी अन्य जादू-टोने, तंत्र-मंत्र या जटिल अनुष्ठानों की आवश्यकता नहीं पड़ती। राम कृपा ही उसके सब काम सिद्ध कर देती है।